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One Indian Rupee Worth In Venezuela Currency Ves After America Airstrike

One Indian Rupee Worth In Venezuela Currency Ves After America Airstrike

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3 जनवरी तड़के अमेरिका ने वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई करते हुए वहां के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल आर्थिक समस्याओं से जूझ रहा वेनेजुएला की करेंसी ने अपनी कीमत काफी खो दी है.

अमेरिका की तरफ से अपने पड़ोसी मुल्क वेनेजुएला पर की सैन्य कार्रवाई में वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया. ऐसे में अब उन देशों की चिंता बढ़ गई है, जिनके वेनेजुएला से आर्थिक संबंध बेहद अच्छे रहे हैं, लेकिन एक सवाल सोशल मीडिया पर घूम रहा है कि आखिर तेल का इतना बड़ा भंडार रखने वाले देश वेनेजुएला की करेंसी कमजोर क्यों है? इसकी तुलना भारत जैसे देश की करेंसी से की जाए तो उसमें काफी बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है. 

वैसे तो भारत और वेनेजुएला के आर्थिक और राजनयिक रिश्ते बेहद अच्छे रहे हैं. दोनों देश एक दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करते हैं. एनर्जी सेक्टर में वेनेजुएला भारत का अच्छा साझेदार है. 22 मिलियन बैरल का कच्चा तेल भारत ने साल 2024 में आयात किया था. अब ऐसे में वेनेजुएला पर अमेरिकी कब्जे के बाद रिश्तों के साथ उन तमाम फैक्टर पर भी असर देखने को मिलेगा, जिनको लेकर भारत के वेनेजुएला से संबंध रहे हैं. 

भारत के 500 रुपए की कीमत वेनेजुएला में कितनी? 

दुनिया में ग्लोबलाइजेशन के बाद से दुनिया की करेंसी को नापने के कई मानक है. अभी पूरे देश में डॉलर में बिजनेस होता है. कई देश अपनी करेंसी का उपयोग करते हैं. इनकी कीमतों में हर दिन उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है. वजह इंटरनेशनल स्तर पर होने वाला ट्रेड है. 

वेनेजुएला की करेंसी को बोलिवर  (VES) कहा जाता है. इसकी कीमत एक रुपये के मुकाबले 3.34 बोलिवर है यानी अगर 500 रुपये को वेनेजुएला की करेंसी में देखें तो वहां 1650 से लेकर 1690 तक है. इस हिसाब से भारत के 500 रुपये वहां 1600 रुपए से ज्यादा का काम करेंगे. 

तेल भंडारण के बाद भी करेंसी इतनी कमजोर क्यों? 

पिछले एक दशक में वेनेजुएला की करेंसी में काफी गिरावट देखी गई है. इसकी वजह वेनेजुएला में बढ़ती महंगाई, आर्थिक प्रबंधन सही नहीं होना और राजनीतिक अस्थिरता इसके मुख्य कारण है. 2017 में वेनेजुएला ने अपने आपको आर्थिक दिवालिया घोषित कर दिया था. इससे विदेशी निवेशकों का भरोसा वेनेजुएला के मार्केट से उठ गया. अमेरिका और अन्य देशों की तरफ से झेल रहे आर्थिक प्रतिबंध की वजह से भी वेनेजुएला को काफी नुकसान झेलना पड़ा है. इन सभी का असर तेल प्रोडक्शन में भी देखने को मिला है. 

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