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India Has Yet To Decide On Donald Trump Board Of Peace For Gaza Several Countries Accepted Invitation

India Has Yet To Decide On Donald Trump Board Of Peace For Gaza Several Countries Accepted Invitation

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गाजा के लिए डोनाल्ड ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस पर भारत ने अभी फैसला नहीं लिया है. कई देशों ने न्योता स्वीकार किया, जबकि फ्रांस समेत कुछ यूरोपीय देशों ने दूरी बनाई है.

गाजा संकट से जुड़े युद्धविराम प्रयासों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. जहां कई देशों ने इस पहल का हिस्सा बनने पर सहमति जता दी है, वहीं कुछ यूरोपीय देशों ने इससे दूरी बना ली है. भारत का रुख फिलहाल स्पष्ट नहीं है और नई दिल्ली अभी इस प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं पर विचार कर रही है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा पट्टी में इजरायल और हमास के बीच हुए युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के गठन का प्रस्ताव रखा है. इस बोर्ड का उद्देश्य गाजा में स्थायी शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाना और युद्ध के बाद की स्थिति को संभालने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग सुनिश्चित करना बताया जा रहा है. इसके लिए दुनिया के कई देशों के नेताओं को औपचारिक न्योता भेजा गया है, जिनमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं.

भारत क्यों नहीं दे रहा तत्काल जवाब

पीटीआई के मुताबिक, इस मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि भारत ने अभी तक बोर्ड में शामिल होने को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है. भारत इस पहल से जुड़े कूटनीतिक, राजनीतिक और रणनीतिक पहलुओं की गहन समीक्षा कर रहा है. गाजा से जुड़ा मामला अत्यंत संवेदनशील होने के कारण भारत किसी भी निर्णय से पहले सभी संभावित प्रभावों पर विचार करना चाहता है. फिलहाल सरकार की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

किन देशों ने बोर्ड से दूरी बनाई

ट्रंप के इस प्रस्ताव को लेकर यूरोप में खासा संकोच देखने को मिल रहा है. फ्रांस, नॉर्वे और स्वीडन ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का निमंत्रण ठुकरा दिया है. इसके अलावा ब्रिटेन, चीन, इटली, रूस, तुर्किये, यूक्रेन, सिंगापुर, स्लोवेनिया, क्रोएशिया और यूरोपीय यूनियन की कार्यकारी शाखा ने अभी तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया है.

किन देशों ने ट्रंप के प्रस्ताव को दी सहमति

कई देशों ने अमेरिकी राष्ट्रपति के न्योते को स्वीकार कर लिया है. अर्जेंटीना, आर्मीनिया, अजरबैजान, बहरीन, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, कजाखस्तान, कोसोवो, मोरक्को, संयुक्त अरब अमीरात और वियतनाम इस बोर्ड में शामिल होने के लिए तैयार हैं. पाकिस्तान ने भी इस पहल को समर्थन देने पर सहमति जताई है.

कितने देशों को भेजा गया न्योता

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, करीब 50 देशों को बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का निमंत्रण भेजा गया है. इनमें से लगभग 30 देशों के बोर्ड का हिस्सा बनने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, इस संबंध में अभी विस्तृत सूची या कार्यप्रणाली सार्वजनिक नहीं की गई है.

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