
Pakistan Khawaja Asif: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने संसद में कहा कि हम एक बेहद खूनी युद्ध के बीच फंसे हैं. उन्होंने कहा कि हम अपने राजनीतिक हितों और सत्ता के लिए युद्ध लड़ रहे हैं.
इस्लामाबाद में हुए आतंकी हमले के बाद सेना को लेकर पाकिस्तान की सरकार और विपक्ष के नेता के बीच ठनी हुई है. रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बुधवार (11 फरवरी 2026) को पाकिस्तानी संसद में कहा कि देश के लिए कोई युद्ध नहीं लड़ता, बल्कि सब राजनीतिक हितों के लिए जंग लड़ते हैं. उनके इस बयान पर पाकिस्तान के सीडीएफ आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर सवाल उठने लगे हैं, जो अफगानिस्तान और भारत को अक्सर गीदड़भभकी देते रहते हैं.
सेना के बारे में नेशनल असेंबली के विपक्षी नेता महमूद खान अचकजई ने कहा कि पाकिस्तानी सेना सिर्फ चार जिलों की सेना है. पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने इस पर आपत्ति जताई, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि उनका देश इस समय युद्ध के बीच में फंसा हुआ है.
देश के लिए कोई नहीं लड़ता जंग: ख्वाजा आसिफ
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा, 'हम अपने राजनीतिक हितों के लिए युद्ध लड़ रहे हैं. अगर कोई कहता है कि हम देश के लिए लड़ रहे हैं तो वे गलत हैं. हम अपने राजनीतिक हितों और सत्ता के लिए युद्ध लड़ रहे हैं. पिछले 60-70 सालों में जब भी किसी को सत्ता से वंचित किया गया, उन्होंने इसके लिए लड़ाई लड़ी और उस लड़ाई में कोई मूलभूत सिद्धांत नहीं थे. बलूचिस्तान से तब कोई आवाज नहीं उठती जब पंजाबियों को उनका पहचान पत्र देखकर गोली मार दी जाती है. मैं प्रांतीय भेदभाव में विश्वास नहीं करता, लेकिन मैं अचकजई की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताता हूं.'
ख्वाजा आसिफ ने संसद में आंकड़े पेश करते हुए कहा कि विपक्षी नेता का गैरजिम्मेदाराना बयान राष्ट्रीय संस्था को बदनाम करने के लिए दिया गया. उन्होंने कहा, 'यह संघ की शक्ति है, जिसमें सभी प्रांतों का प्रतिनिधित्व है. यह पूरे देश की शक्ति है.'
पाकिस्तान के किस प्रांत में कितनी सेना?
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक 2023 की जनगणना के अनुसार सेना में जिलों की जनसंख्या के अनुरूप प्रांतवार प्रतिनिधित्व पंजाब से 51.1 फीसदी, खैबर पख्तूनख्वा से 16.28 फीसदी, सिंध से 20.52 फीसदी, बलूचिस्तान से 6.04 फीसदी, आज़ाद जम्मू और कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान से 2.54 फीसदी और अल्पसंख्यकों से 3.52 फीसदी था. हालांकि, आंकड़े पढ़ते समय ख्वाजा आसिफ ने गलती से पंजाब का प्रतिनिधित्व 51.1 फीसदी के बजाय 91.1 फीसदी बता दिया. उन्होंने यह भी बताया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सशस्त्र बलों ने कई बलिदान दिए हैं.
खूनी युद्ध के बीच फंसा है पाकिस्तान: ख्वाजा आसिफ
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी विशेष प्रांत या जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश में फैला है. उन्होंने कहा, 'हम उन शहीदों के कर्जदार हैं, जिन्होंने हमारी सुरक्षा के लिए अपनी जानें गंवाई. हम एक बेहद खूनी युद्ध के बीच फंसे हैं. इस तरह के हमले और खून बहाना हमारे धर्म में जायज नहीं है.'
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