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Why Pakistan Not Sending Sarabjit Kaur Back To India Shehbaz Sharif Govt Abp News Exclusive Ann

Why Pakistan Not Sending Sarabjit Kaur Back To India Shehbaz Sharif Govt Abp News Exclusive Ann

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सरबजीत कौर इस समय पाकिस्तान के लाहौर शहर में स्थित एक सरकारी केंद्र में रह रही है और उसे प्रतिदिन के हिसाब से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार 500 पाकिस्तानी रुपये अमरूद तोड़ने के लिए दे रही है.

4 नवंबर 2025 को सिख जत्थों के साथ पहले पाकिस्तान स्थित ननकाना साहिब गुरुद्वारा गई और फिर मुस्लिम व्यक्ति से निकाह करके धर्म परिवर्तन करने वाली पंजाब के कपूरथला की महिला सरबजीत कौर को पाकिस्तान की सरकार राजनैतिक कारणों की वजह से भारत वापस नहीं भेज रही है. इस बात का खुलासा एबीपी न्यूज़ के हाथ लगी पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की 6 जनवरी की चिट्ठी से हुआ है, जिसमें पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय में दक्षिण एशिया और सार्क देशों के डायरेक्टर जनरल बिलाल महमूद चौधरी ने जानकारी दी कि पाकिस्तान के केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय से अनौपचारिक अनुरोध किया था कि पाकिस्तान के राजनैतिक दृष्टिकोण की वजह से सरबजीत कौर को पाकिस्तान से वापस भारत नहीं भेजना चाहिए. जिसके बाद 6 जनवरी को पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने सरबजीत कौर को अटारी-वाघा बॉर्डर से वापस भेजने की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी. 

असल में सरबजीत कौर 4 नवंबर को भारतीय सिख जत्थे के साथ पाकिस्तान धार्मिक वीजा पर गई थी, जिसके तहत जत्थे का कोई भी सदस्य करतारपुर साहिब कॉरिडोर, गुरुद्वारा और ननकाना साहिब गुरुद्वारा के अलावा पाकिस्तान के किसी अन्य स्थान पर नहीं जा सकता था. ऐसा करने पर इसे वीजा शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा, लेकिन इसके बावजूद पहले 14 नवंबर को जब सिख श्रद्धालुओं का जत्था वापस भारत लौटा तो उसमें से सरबजीत गायब थी. सूत्रों के मुताबिक, जब भारतीय अधिकारियों ने सरबजीत की जानकारी पाकिस्तान के अधिकारियों से मांगी तो उन्होंने सरबजीत के पाकिस्तान में होने से इनकार किया था और कहा था कि शायद वो बीच में कहीं खो गई है.

5 नवंबर को सरबजीत ने नासिर से किया था निकाह

हालांकि अगले दिन सरबजीत की वीडियो और उनके निकाहनामा की तस्वीरें पाकिस्तान की मीडिया ने प्रचारित करना शुरू किया, जिसमें जानकारी दी गई कि सरबजीत कौर ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के शेखपुरा जिले में रहने वाले नासिर हुसैन से 5 नवंबर को निकाह कर लिया था और इस्लाम धर्म कबूल कर अपना नाम नूर हुसैन रख लिया था. जिसके बाद भारतीय एजेंसियों ने पाकिस्तान से सरबजीत को वापस डिपोर्ट करने की मांग की. सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी सरकार के प्रतिनिधियों ने कहा था कि सरबजीत और नासिर दोनों फरार हैं और पाकिस्तान की पंजाब प्रांत की पुलिस उन्हें ढूंढ़ रही है.

अचानक पाकिस्तान ने क्यों बदला था फैसला?

हालांकि 4 जनवरी को पाकिस्तानी एजेंसियों ने सरबजीत को ढूंढ़ निकालने का दावा किया और जानकारी दी गई कि सरबजीत उनकी हिरासत में हैं. सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान ISI और पाकिस्तान की घरेलू खुफिया एजेंसी के अधिकारियों ने सरबजीत के साथ पूछताछ भी की. जिसके बाद भारतीय अधिकारियों को पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि सरबजीत को भारत वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और क्यूंकि उसे मिला वीजा 'धार्मिक वीजा' था और उसने वीजा नियमों का उल्लंघन किया है ऐसे में सरबजीत को 5-6 जनवरी की आधी रात को अटारी-वाघा बॉर्डर से डिपोर्ट कर दिया जाएगा. हालांकि सरबजीत कौर को वापस भारत भेजने की कार्रवाई पाकिस्तान ने ऐन मौके पर रोक दी थी और कोई कारण नहीं बताया था, लेकिन पाकिस्तान ने सरबजीत को मोहसिन नकवी के गृह मंत्रालय के 'राजनैतिक कारणों' का हवाला देकर भेजने से मना किया था.

500 रुपये में अमरूद तोड़ रही सरबजीत कौर

जानकारी के मुताबिक, सरबजीत कौर इस समय पाकिस्तान के लाहौर शहर में स्थित एक सरकारी केंद्र में रह रही है और उसे प्रतिदिन के हिसाब से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार 500 पाकिस्तानी रुपये अमरूद तोड़ने के लिये दे रही है. साथ ही कुछ दिन पहले सामने आई ऑडियो रिकॉर्डिंग में सरबजीत कौर कहती हुई सुनाई दे रही थी कि वो भारत वापस आना चाहती है और बेहद खराब हालत में पाकिस्तान में रह रही है और वो पाकिस्तान जासूसी करने नहीं बल्कि नासिर हुसैन के फोन में मौजूद अपनी गुप्त तस्वीरें डिलीट करवाने आई थी. साथ ही ऑडियो में सरबजीत कहती हुई सुनाई दे रही है कि पाकिस्तान में उसका उत्पीड़न हो रहा है और उसे पैसों की भीख मांगनी पड़ रही है.

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