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Jammu Kashmir Intellectuals Under Attack From Pakistan Isi Lashkar E Taiba Let Threats To Kill Them If Support India Ann

Jammu Kashmir Intellectuals Under Attack From Pakistan Isi Lashkar E Taiba Let Threats To Kill Them If Support India Ann

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जुनैद कुरैशी ने आरोप लगाया कि उनकी हत्या की साजिश ISI रच रही है और उसने ही अपने पालतू आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा और उसके कमांडर सज्जाद गुल को उन्हें डराने या हो सकता है मारने का टास्क दिया है.

कश्मीर के जिहाद के नाम पर आम लोगों को निशाना बनाने और मारने वाली पाकिस्तान की आतंकी तंजीमें अब कश्मीर में रहकर विदेशों में पाकिस्तान और उसके पालतू आतंकी संगठनों की पोल खोलने वाले बुद्धिजीवियों को निशाना बनाने और मारने की धमकी दे रही हैं. कल पाकिस्तान के प्रायोजित आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा ने अपने छद्म नाम द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के नाम से चिट्ठी जारी करके देश के जाने माने काउंटर टेररिज्म विशेषज्ञ और यूरोपियन फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज (EFSAS) के निदेशक जुनैद कुरैशी को जान मारने की धमकी दी.

TRF छद्म नाम से जारी की गई चिट्ठी में लश्कर ए तैयबा ने जुनैद कुरैशी को गद्दार करार दिया और कहा कि जुनैद की हत्या करने में लश्कर ए तैयबा (TRF) जरा भी संकोच नहीं करेगा. पिछले 6 महीने में ये दूसरी बार है जब लश्कर ए तैयबा ने आतंकवाद का विरोध करने वाले और पाकिस्तान और उसके पालतू आतंकी संगठनों को वैश्विक मंच पर एक्सपोज करने वाले किसी नेता, पत्रकार या फिर बुद्धिजीवी को मारने की धमकी दी है. साथ ही पाकिस्तान और उसके आतंकी संगठनों के ट्रैक रिकॉर्ड पर अगर नजर डालें तो साल 1989 से 2020 तक कश्मीर में 5 हज़ार से ज़्यादा ऐसे लोगों की पाकिस्तान के पालतू आतंकी संगठनों ने हत्या की है जो भारत के पक्ष में बात करते थे और पाकिस्तान और उसके पालतू आतंकी संगठनों का विरोध करते थे. साल 2018 में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों ने इसी तरह पहले कुछ महीने तक सरेआम धमकी देकर राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी की 14 जून 2018 को हत्या कर दी थी. इसी तरह पिछले साल अप्रैल में भी सामाजिक कार्यकर्ता गुलाम रसूल मागरे की कुपवाड़ा जिले में संदिग्ध आतंकियों ने हत्या कर दी थी.

जुनैद कुरैशी ने क्या आरोप लगाए?

एबीपी न्यूज़ से बातचीत करते हुए जुनैद कुरैशी ने आरोप लगाया कि उनकी हत्या की साजिश पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI रच रही है और उसने ही अपने पालतू आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा और उसके कमांडर सज्जाद गुल को उन्हें डराने या हो सकता है मारने का टास्क दिया है. जुनैद के मुताबिक, धमकी में लिखा गया है कि वो कश्मीर में रहने वाले भारत समर्थक बुद्धिजीवियों का एक थिंक टैंक बना रहे हैं, ये बात अब तक पब्लिक डोमेन में नहीं थी और जिनके साथ वो संपर्क में थे, उन्हीं को पता था ऐसे में इस नाम पर लश्कर ए तैयबा की धमकी में जिस तरह से साफ-साफ लिखा है कि जुनैद क़ुरैशी थिंक टैंक इंटेलीजेंसिया बना रहे हैं जो कश्मीर पर पाकिस्तान के प्रोपेगंडा को ध्वस्त करेगा और भारत के सच को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचाएगा. ये जानकारी किसी आतंकी संगठन के हासिल करना मुश्किल है ऐसे में जुनैद के मुताबिक, उनको मिली धमकी के पीछे सीधा सीधा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ही है, जिसके लिए लश्कर ए तैयबा काम करती है.


प्लेन क्रैश में शामिल आतंकी के बेटे हैं जुनैद 

जुनैद कुरैशी आजाद भारत के पहले हाईजैकर हाशिम क़ुरैशी के बेटे हैं. जिन्होंने साल 1971 में एयर इंडिया की IC-405 को हाईजैक किया था ताकि कश्मीर की आजादी की लड़ाई को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाया जा सके. हालांकि हाशिम कुरैशी के बेटे जुनैद क़ुरैशी अपने पिता की विचारधारा से उलट हमेशा कश्मीर और भारत के हित की बात करते और कश्मीर के मामले पर पाकिस्तान और उसके आतंकियों के प्रोपेगेंडा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक्सपोज करते आए हैं. इतना ही नहीं IC-405 हाईजैकिंग जुनैद के जन्म से पहले हुई थी और जुनैद ने हमेशा अपने पिता और उनकी विचारधारा से दूरी बनाई है और IC-405 हाईजैकिंग को आतंकवाद का कृत्य करार दिया है.

जुनैद ने अपने थिंक टैंक से पाकिस्तान को किया बेनकाब

साथ ही जिस आतंकवाद को पाकिस्तान कश्मीर की आजादी की लड़ाई बताता है, उसे भी ज़ुनैद कुरैशी ने अपने थिंक टैंक EFSAS की मदद से अंतरराष्ट्रीय मंच पर सबूतों के साथ पाकिस्तान को एक्सपोज किया है कि ये आजादी की लड़ाई नहीं बल्कि आम लोगों की हत्या और आतंकवाद की मोडस ऑपरेंडी है जिसे लश्कर ए तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और जैश ए मोहम्मद ISI के कहने पर अंजाम देते हैं.

खुफिया विभाग के सूत्रों के मुताबिक, जुनैद और अन्य बुद्धिजीवियों को धमकी जिस एंड टू एंड एनक्रिप्शन ऐप से दी गई और जिस अकाउंट से दी गई है वो अकाउंट रावलपिंडी से ऑपरेट होता है और उसे लश्कर ए तैयबा का कमांडर शेख सज्जाद गुल खुद ऑपरेट करता है. साथ ही 24 अगस्त 2025 को इस एंड टू एंड एनक्रिप्शन ऐप पर सज्जाद गुल ने अपना अकाउंट एक छद्म नाम से बनाया था जिस पर वो अपनी तस्वीरें और TRF की गतिविधियों को पोस्ट करता रहता है.
 

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