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India Defence Ministry Approve 114 Rafale Fighter Jets Purchase From France Made In India Rajnath Singh Ann

India Defence Ministry Approve 114 Rafale Fighter Jets Purchase From France Made In India Rajnath Singh Ann

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India France Defence Deal: फ्रांसीसी विमान निर्माता कंपनी डसॉल्ट से 114 राफेल लड़ाकू जेट मेक इन इंडिया के तहत देश में ही बनाए जाएंगे. पिछले साल भारतीय वायु सेना ने रक्षा मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा था.

रफाल फाइटर जेट को लेकर एक बार फिर फ्रांस से महा-डील की तैयारी शुरु हो गई है. रक्षा मंत्रालय ने वायुसेना के लिए 114 मेक इन इंडिया रफाल लड़ाकू विमानों को बनाने की मंजूरी दे दी है. भारत में बनने वाले फ्रांसीसी लड़ाकू विमानों के इस सौदे की कुल कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ बताई जा रही है, जो दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी डील हो सकती है.

फ्रांस से 114 रफाल फाइटर जेट खरीदे जाएंगे

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को रक्षा मंत्रालय के डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड ने वायुसेना के इस प्रपोजल को हरी झंडी दे दी, जो किसी भी रक्षा सौदे की पहली सीढ़ी होती है. अब ये प्रस्ताव, रक्षा मंत्री के अधीन डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (डीएसी) से होता हुआ वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) के पास जाएगा, जिसमें एक लंबा वक्त लग सकता है. ऐसे में बहुत संभव है कि इन 114 रफाल फाइटर जेट में से 16 को सीधे फ्रांस से खरीदा जा सकता है. इन 114 रफाल फाइटर जेट से वायुसेना को 5-6 स्क्वाड्रन को खड़ा किया जा सकता है. भारतीय वायुसेना की एक स्क्वाड्रन में 18-20 लड़ाकू विमान होते हैं.

मैक्रों के भारत दौरे के दौरान होगा अहम फैसला

माना जा रहा है कि अगले महीने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे के दौरान इस सौदे को लेकर अहम फैसला हो सकता है. पिछले दोनों रफाल फाइटर जेट सौदों की तरह ये भी जीटूजी यानी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट डील होने जा रही है.

वर्ष 2016 में भारत ने फ्रांस से सीधे 36 रफाल लड़ाकू विमान खरीदने का फैसला किया था, उसकी कुल कीमत करीब 59 हजार करोड़ थी. पिछले वर्ष अप्रैल में भारत ने नौसेना के लिए रफाल लड़ाकू विमानों के मरीन वर्जन यानी रफाल (एम) खरीदने को लेकर करार किया था. इन रफाल (एम) लड़ाकू विमानों को स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत पर तैनात किया जाएगा.

भारतीय वायुसेना ने रक्षा मंत्रालय को सौंपा था प्रस्ताव 

भारतीय वायुसेना ने घटती स्क्वाड्रन के मद्देनजर 114 राफेल फाइटर जेट देश में बनाने का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को सौंपा था. जीटूजी यानी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट करार करेगा. करार होने के बाद रफाल बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी दासो (दसॉल्ट), भारत में किसी स्वदेशी कंपनी के साथ देश (भारत में) ही एक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी. भारत में बनने वाले स्वदेशी रफाल फाइटर जेट में करीब 60 प्रतिशत स्वदेशी हथियार और उपकरण लगे होंगे.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय वायुसेना के मौजूदा रफाल फाइटर जेट की ऑपरेशन्ल क्षमताओं को देखते हुए मेक इन इंडिया के तहत फ्रांसीसी लड़ाकू विमान बनाने का फैसला लिया था. पहलगाम नरसंहार का बदला लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान से ऑपरेट करने वाले आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद के हेडक्वार्टर को तबाह करने के लिए भारतीय वायुसेना ने रफाल फाइटर जेट का इस्तेमाल किया था.

जिन 36 रफाल फाइटर जेट को फिलहाल भारतीय वायुसेना इस्तेमाल करती है, उन्हें मिटयोर, मीका और स्कैल्प मिसाइलों से लैस किया गया है. ये सभी फ्रांसीसी मिसाइल है, लेकिन मेक इन इंडिया रफाल फाइटर जेट को भारत में बनी मिसाइलों से भी लैस किया जा सकता है.

ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा MRFA प्रोजेक्ट

सरकार से यदि इस 114 रफाल प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल जाती है तो वायुसेना का पुराना एमआरएफए यानी मीडियम वेट फाइटर जेट प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा. एमआरएफए प्रोजेक्ट में भी 114 फाइटर जेट मेक इन इंडिया में ही बनाए जाने थे, लेकिन उसमें विदेश की अलग-अलग एविएशन कंपनी टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा ले सकती थी (दासो सहित) लेकिन मौजूदा डील, सीधे भारत और फ्रांस की सरकारों के बीच में होगी. उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष अप्रैल के महीने में ही भारत ने नौसेना के लिए फ्रांस के साथ रफाल के 26 मरीन वर्जन का सौदा भी किया था.

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